आज चांद के दीदार से शुरू होगा रमज़ान Ramadan/Ramzan 2020 का पाक महीना
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Ramdan ramzan |
इस्लाम धर्म में सबसे पवित्र महीना माना जाने वाला रमज़ान महीना आज शुरू होने वाला है। चन्द्र दर्शन के बाद उपवास शुरू हो जायेंगे। कहा जाता है कि इस्लाम में इस महीने को सबसे पवित्र माना जाता है। और इस महीने में अल्ल्लाह मेहरबान रहते हैं तथा हर दुआ को जल्द कबूल कर देते हैं। रमज़ान के महीने में मुसलमान व्रत यानी रोज़ा रखते हैं और शिद्दत से अल्लाह की इबादत करते हैं।इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक रमज़ान की शुरुआत चांद देखने के बाद होती है।इस साल भारत में रमज़ान का महीना 24 या 25 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है. अगर 24 अप्रैल को रमज़ान का चांद दिखाई दिया तो 25 अप्रैल को पहला रोजा रखा जाएगा, नहीं तो 26 अप्रैल का पहला रोजा होगा।
भारत में रमजान का पाक महीना कब से शुरू होगा ये इस बात पर निर्भर करता है कि चांद कब दिखाई देगा। गुरुवार को कर्नाटक के उड्डपी और दक्षिणा कन्नड़ जिलों में चांद का दीदार हो चुका है जिस कारण इन जगहों पर आज यानी 24 अप्रैल से रमजान शुरू हो गये हैं। जबकि देश के बाकी हिस्सों में आज चांद दिखाई दे सकता है जिससे कल पहला रोजा रखा जाने की उम्मीद है। वहीं सऊदी अरब में माह-ए-रमजान शुरू हो चुका है। दरअसल, सऊदी अरब में भारत से एक दिन पहले रमजान शुरू होते हैं और ईद भी एक दिन पहले मनाई जाती है।
मुसलमान रमज़ान के पूरे महीने यानी चांद की तारीख के अनुसार 29 या 30 दिन के रोज़े रखते हैं।रमज़ान का चांद दिखाई देने के बाद सुबह को सूरज निकलने से पहले सहरी खाकर रोज़ा रखा जाता है। जबकि सूर्य ढलने के बाद इफ्तार होता है।जो लोग रोज़ा रखते हैं वो सहरी और इफ्तार के बीच कुछ भी नहीं खा-पी सकते हैं।
इस्लाम में रमज़ान के महीने को सबसे पाक यानी पवित्र महीना माना जाता है. ये इस्लामिक कैलेंडर का 9वां महीना होता है। रमज़ान के महीने में अल्लाह की किताब 'कुरान शरीफ' नाज़िल यानी जमीन पर उतरी थी। इसलिए रमज़ान के महीने में मुसलमान ज्यादातर अपना वक्त नमाज और कुरान पढ़ने में गुजारते हैं।
कठिन नियम का पालन जरूरी है रोजों में-
रोजे के दौरान सिर्फ भूखे-प्यासे रहने ही नियम नहीं है, बल्कि आंख, कान और जीभ का भी रोज़ा रखा जाता है। इसका मतलब है कि रोजे के दौरान बुरा न देखें, बुरा न सुनें और बुरा न कहें , इसका पालन किया जाता है। किसी के बारे में बुरा नहीं सोचा जाता है, अपनी बातों से किसी को आहत न करने का ध्यान रखना पड़ता है। रमजान के महीने में कुरान पढ़ने का अलग ही महत्व होता है। हर दिन की नमाज के अलावा रमजान में रात के वक्त एक विशेष नमाज भी पढ़ी जाती है, जिसे तरावीह कहते हैं।
हालांकि इस बार पूरा विश्व कोरोनावायरस की भयानक महामारी से जूझ रहा है। इसलिए संम्पूर्ण भारत और विश्व के काफी देशों में लोक डाउन है। सोसल डिस्टेन्स का भी पालन करना जरूरी है तो ऐसे में इस बार सामुहिक नमाज या तरावीह मस्जिदों में होना सम्भव नहीं है । फिर भी घरों में रहकर अपने परिवार के साथ मिलकर रमज़ान के महीने को मनाया जा सकता है। घरों में रहकर अल्ल्लाह से विश्व में खुशहाली की दुआ मांगी जाएगी।
रमजान सभी त्योहारों की तरह लोगों को एकता और प्रेम की भावना को सिखाता हैं ।रमजान का त्यौहार आते समय बहुत सारी खुशिया और साथ में एकता के भाव को बढ़ने का कार्य करता हैं । रमजान का यह महिना सबसे पवित्र माना जाता हैं ।
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